Monday, September 8, 2014

२९  विधायको से  सरकार नहीं बन सकती दृढ़ सत्य है , रहा सवाल बीजेपी उपाध्यक्ष (दिल्ली) के  स्टिंग का  तो  जनता को कम से कम ये पता  चला  की ऐसी सरकारे  कैसे बनती हैं. टीवी चैनल्स पर  प्रवक्ताओं  आदि के बकवास से क्या कुछ बदलेगा ,मुझे तो नहीं लगता क्योकि कांग्रेस की सरकार  के वक्त उनके प्रवक्ता गण भी ठीक इसी तरह के सुर गाते  हुए पाये जाते थे।   ये अब बीजेपी से बुरी तरह चिपक गया है। ……… अच्छे  दिन का स्वप्न दिवास्वप्न  में न बदल जाए,   परिवर्तन की राह में ऐसा कुछ नया नहीं नज़र आ रहा जो पिछली  सरकारों से अलग हो। …………………  बहुत उम्मीदें  है बीजेपी से कम से कम नैतिकता के अपने बनाये मानदंडो का ही ख्याल करे। ................